नई दिल्ली, जुलाई 5 -- इन दिनों दिलजीत सिंह दोसांझ की फिल्म सतलुज खबरों में बनी हुई है।लंबे समय से अटकी इस फिल्म का नाम पहले पंजाब 95 था। ये फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा पर बेस्ड एक असली कहानी है। फिल्म में पंजाब के उस दौर को दिखाया गया है जब पुलिस का अत्याचार आम लोगों पर हावी था। कई लोगों को जान से मारा जा रहा था। सरकारी दस्तावेज और मारे गए लोगों की संख्या आपस में मेल नहीं खाती थीं। ऐसे में जसवंत सिंह खालड़ा ने पुलिस के खिलाफ आवाज उठाई थी। इस लंबी लड़ाई में एक दिन खुद जसवंत सिंह खालड़ा भी गायब हो गए।पुलिस के खिलाफ उठाई आवाज 1952 में जन्में जसवंत सिंह जसवंत सिंह खालड़ा अमृतसर की एक बैंक में काम करते थे। समाजसेवी थे और मानव के अधिकारों के बचाव के लिए काम करते थे। 80 और 90 के दशक में उन्हें पता चला कि राज्य में बड़ी संख्या में...