जानकर भी चोर को चोर मत कहिए
चंदौली, मई 4 -- चकिया, हिन्दुस्तान संवाद। नगर स्थित आदित्य पुस्तकालय सभागार में चंद्रप्रभा साहित्यिक मंच की ओर से राम जियावन दास बावला स्मृति काव्य समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्रीय कवियों ने अपने काव्य पाठ के माध्यम से भोजपुरी के तुलसीदास कहे जाने वाले रामजियावन दास बावला की स्मृति को याद किया। यह भी पढ़ें- ...संबंधों के पांव में आई कैसे मोचकार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम का प्रारंभ कवि अमरनाथ पाल ने वाणी वंदना से किया। इसके बाद अमरनाथ ने स्व बावला की रचना उनकी स्मृति में केवट बोला रामचंद्र से कर जोरी मृदुवानी ए बाबू राउर मरम हम जानु सुनाया। कवि बहादुर सिंह रंग ने बावला जी के स्मृतियों को ताजा किया और तू करतार कहा था तु जगताधार कहां था जब तक ना मैं आया ना जगत में तेरा नाम प्रसार कहा था सुनाकर सगुण और निर्गुण ब्रह्म के बारे में बता...
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