उन्नाव, नवम्बर 10 -- बांगरमऊ। नगर के पश्चिम बाईपास मार्ग पर स्थित ऐतिहासिक बाबा बोधेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस आचार्य रामदेव शास्त्री ने सनातन शब्द और संस्कृति की व्याख्या की। उन्होंने सभी वैदिक सनातन धर्म प्रेमियों को एकता और आपसी प्रेम तथा भाईचारे से रहने का आह्वान किया। आचार्य रामदेव शास्त्री ने आरोप लगाया कि कुछ राजनेता सनातन धर्म को जातियों में सामाजिक विघटन कर सनातन संस्कृति को नष्ट करने पर तुले हुए हैं। जबकि सनातन संस्कृति ने सदैव से अंतिम वर्ण और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को गले लगाने का काम किया है। उन्होंने उदाहरण दिया कि मीरा के गुरु रैदास यानी भक्त रविदास जी थे। हमारे समाज में गो हत्या के पाप से मुक्ति के लिए आज भी अनुसूचित जाति के सफाई कर्मी से कमर पर लात मरवाने का विधान है। राजा हर...
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