पिथौरागढ़, अगस्त 16 -- प्रकाश पांडेय, पिथौरागढ़। महंगे डिजिटल उपकरणों के बिना भी तकनीक को समझा और सिखाया जा सकता है,राजकीय आदर्श विद्यालय जाजर चिंगरी ने इस सोच को अपने एक अनूठे प्रयोग से साबित किया है। नवाचारों के लिए पहचान बना चुके इस विद्यालय में माचिस की डिब्बियों और एक साधारण बोर्ड की मदद से मैनुअल फिंगर अटेंडेंस सिस्टम तैयार किया गया है। अब विद्यार्थी और शिक्षक इसी व्यवस्था के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य व शैलेश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें करके सीखने और प्रयोग के जरिए तकनीक को समझने का अवसर देना है। इसी सोच के तहत विद्यालय में उपलब्ध सामान्य और आसानी से मिलने वाली सामग्री का उपयोग कर यह मॉडल तैयार किया ग...