जागरूक नहीं हुआ तो आदिवासियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व में पड़ेगा प्रभाव : दयामनी
रांची, जुलाई 26 -- रांची, वरीय संवाददाता। झारखंड में प्रस्तावित परिसीमन की प्रक्रिया व उसके आदिवासी समाज पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर रविवार को आदिवासी संगठनों की संयुक्त बैठक हुई। आयोजन पूर्वमंत्री बंधु तिर्की के सरकारी आवास पर हुई। इस दौरान 30 अगस्त को रांची के मोरहाबादी मैदान में होने वाली आदिवासी एकता महाजुटान रैली की तैयारी को लेकर रणनीति बनाई गई। बंधु तिर्की ने कहा कि प्रस्तावित परिसीमन केवल निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन का विषय नहीं है, बल्कि यह झारखंड के आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, संवैधानिक अधिकारों, लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न है। दयामनी बारला ने कहा कि वर्ष 2002-2008 की परिसीमन प्रक्रिया उस समय झारखंड में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों को 28 से घटाकर 22 करने का प्र...
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