औरंगाबाद, जनवरी 25 -- कुटुंबा प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय हनेया में रविवार को विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें मानव तस्करी, व्यावसायिक यौन शोषण और बाल विवाह मुक्त भारत अभियान से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए। शिविर में स्कूल के बच्चे, शिक्षक और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे। पैनल अधिवक्ता लालमोहन सिंह ने बताया कि मानव तस्करी और यौन शोषण से बचाने के लिए कानून में धारा 370 और 370 ए महत्वपूर्ण हैं, जो बच्चों को शारीरिक और यौन शोषण, अंगों की जबरन कटाई और तस्करी से सुरक्षित करती हैं। उन्होंने बताया कि धारा 372 और 373 लड़कियों की खरीद-फरोख्त और वेश्यावृत्ति से संबंधित अपराधों पर सजा देती हैं। भारत के संविधान का अनुच्छेद 23 और अनैतिक व्यापार रोकथाम अधिनियम पीड़ितों को कानूनी सहायता प्रदान करता है। धारा 370 ए के अंतर्गत नाबालिक के...