नई दिल्ली, मार्च 30 -- वित्तीय जांच के दौरान पुलिस की शक्तियों के दायरे पर एक महत्वपूर्ण फैसले में, राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि बैंक जांच एजेंसियों के कहने पर खातों पर पूरी तरह से रोक (फ्रीज) नहीं लगा सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि कोई भी रोक आनुपातिक होनी चाहिए और केवल विवादित राशि तक ही सीमित होनी चाहिए। हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने ये टिप्पणियां हाल ही एक मामले की सुनवाई के दौरान की। मामले में फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट और सह-याचिकाकर्ता श्वेतांबरी भट्ट शामिल थे, जिनके खातों को धोखाधड़ी की जांच के दौरान पूरी तरह से फ्रीज कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने उन्हें आंशिक राहत देते हुए, कोर्ट ने निर्देश दिया कि केवल विवादित राशि 30 करोड़ रुपये पर ही रोक होनी चाहिए, और अन्य सभी वैध लेन-देन को बिना किसी रुकावट के जारी रखने की अनुमति दी। यह मामला उदयपुर में...