बोकारो, जनवरी 2 -- बोकारो, प्रतिनिधि। आनंद नगर में आनंद मार्ग प्रचारक संघ धर्म महासम्मेलन के दूसरे दिन की शुरुआत प्रभात संगीत, बाबा नाम केवलम कीर्तन और सामूहिक ध्यान के साथ हुई। मार्ग गुरु प्रतिनिधि आचार्य विकासानंद ने श्रीश्री आनंदमूर्तिजी के दर्शन पर आधारित आध्यात्मिक प्रवचन दिए। आचार्य ने कहा कि सर्वविदित है कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति संघर्ष और सामंजस्य के माध्यम से ही संभव होती है। जहां संघर्ष नहीं, वहां गति नहीं और जहां सामंजस्य नहीं, वहां स्थायित्व नहीं। ऐसी प्रगति में स्वयं आंदोलन ही एकमात्र लक्ष्य बन जाता है। जीवन ठहराव को स्वीकार नहीं करता, वह निरंतर रूपांतरण चाहता है। मनुष्य स्वभावतः लक्ष्य की ओर बढ़ने वाला प्राणी है। लक्ष्य के अभाव में किया गया सारा श्रम व्यर्थ हो जाता है। इसे समझाने के लिए नाव का उदाहरण अत्यंत सारग...
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