सिद्धार्थ, दिसम्बर 11 -- सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। नगर पालिका के महंत अवेद्य नाथ सभागार में चल रही रामकथा के छठवें दिन अयोध्या से आए कथावाचक पंडित देव कृष्ण शास्त्री ने श्रीराम चरित मानस के जनकपुर प्रसंग का अद्भुत और हृदयस्पर्शी वर्णन किया। इसे सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने कहा कि जहां भक्ति का जन्म होता है, वहां भगवान स्वयं पधारते हैं। कथावाचक ने कहा कि जनकपुर में प्रत्येक नर-नारी संतस्वभावी, धर्मशील, ज्ञानवान और सद्गुणों से भरा हुआ है। इसका मुख्य कारण है कि यही वह दिव्य भूमि है जहां स्वयं भक्तिरूपी जगत जननी मां जानकी का प्राकट्य हुआ। उन्होंने कहा कि मानस में वर्णित तीन पुरियों अयोध्यापुरी, जनकपुरी और लंकापुरी में जनकपुरी सर्वश्रेष्ठ है। उन्होंने कहा कि जनकपुरी में कोई असंत नहीं, क्योंकि जहां भक्ति जन्म ले, वहां कलह, क्रो...
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