प्रयागराज, जनवरी 14 -- माघ मेला क्षेत्र स्थित संत प्रभाकर के शिविर में बुधवार को भागवत कथा में भगवान शिव और सती के बीच संवाद का वर्णन किया गया। संत प्रभाकर ने बताया कि जहां सम्मान नहीं मिले, वहां नहीं जाना चाहिए। चाहे वो अपना मायका ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने माता पार्वती को रोका, इसके बाद भी वो गईं। भगवान जानते थे कि वहां उनका सम्मान नहीं होगा और इसके आगे की कथा मालूम है। कैसे वहां जाकर सती को खुद को योगाग्नि के हवाले कर दिया और फिर दक्ष के यज्ञ का भंग हुआ। भगवान की लीला सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
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