सीवान, अगस्त 14 -- विनय पांडेय, महाराजगंज। आजादी के आंदोलन की यादें महाराजगंज की मिट्टी में आज भी जीवंत हैं। शहर स्थित शहीद फुलेना प्रसाद स्मारक उस दौर की कहानी बयां करता है, जब अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ तिरंगा फहराना भी एक बड़ी चुनौती थी। वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान महाराजगंज में अंग्रेजी शासन को चुनौती देने वाले स्वतंत्रता सेनानी फुलेना प्रसाद ने देश के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया था। 16 अगस्त 1942 को थाना परिसर में तिरंगा फहराने के लिए आगे बढ़े फुलेना प्रसाद पुलिस की गोली से शहीद हो गए। पति की शहादत के बाद उनकी पत्नी तारा रानी श्रीवास्तव ने मोर्चा संभाला और तिरंगा लेकर आगे बढ़ीं। उन्होंने थाना परिसर में झंडा फहराकर अंग्रेजी शासन को चुनौती दी। आज उसी बलिदान की याद में बना स्मारक लोगों को आजादी के संघर्ष और वीरों के त्याग क...