सीवान, मार्च 23 -- शहर के गांधी मैदान में चल रहे श्रीराम जन्मोत्सव में पूजा-अर्चना व श्रीराम कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रीराम कथा के तीसरे दिन पं. प्रहलाद मिश्रा ने कहा कि हमारे बीते हुए कल को भूत कहते हैं, आज को वर्तमान व आने वाले कल को भविष्य। कहने का मतलब है कि बीते हुए कल कभी वापस नहीं आता तो क्यों ना हम अपने आज यानि वर्तमान को सवार लें ताकि आने वाला कल यानि भविष्य संवर-निखर जाए। कथावाचक ने कहा कि जहां अभिमान होता है, वहां भगवान नहीं आते हैं। जो सुख में भगवान को याद करता है उसके यहां दुख नहीं आता। जीवन में गरीबी, अमीरी, धूप, छांव, जन्म, मरण आना-जाना यह निरंतर लगा रहता है। आज के परिवेश में पत्नी कितनी प्यारी हो भेद नहीं बताना चाहिए, भाई कितना बैरी हो भेद छुपाना नहीं चाहिए. जबकि काम क्रोध लोभ मोह विकार अहंक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.