जहाँ श्रद्धा वहीं ईश्वर का वास: मिश्र
पीलीभीत, जून 5 -- बिलसंडा, संवाददाता। कथावाचक पंडित नितिन मिश्र "निमिष" ने कहा अहंकार और संदेह मनुष्य के पतन का कारण हैं। किसी को अहंकार नही करना चाहिये। जो काम करो उसे मन से करो तभी सफलता होगी। कथावाचक नगर में श्री हनुमान गढ़ी मंदिर परिसर में चल रही पावन श्रीरामकथा के पहले दिन शाम को प्रवचन सुना रहे थे।रामचरितमानस के शिव-सती प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए कहा, किस प्रकार सती माता का संशय और अहंकार उनके दुःख का कारण बना।बोले, संदेह और अहंकार मनुष्य के पतन के मुख्य द्वार हैं। गुरु और ईश्वर के वचनों पर पूर्ण विश्वास ही भक्ति की नींव है। जिस मन में संशय होता है, वहाँ प्रेम और शांति का वास नहीं हो सकता। हमें अपने जीवन में माता सती के इस प्रसंग से सीख लेकर निष्कपट भाव से प्रभु की शरण में रहना चाहिए, क्योंकि जहाँ श्रद्धा है, वहीं साक्षात ईश्वर का ...
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