जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में तो जा नहीं रहे थे केजरीवाल, अब क्यों राजी; क्या थी वह शर्त
नई दिल्ली, मई 26 -- जज के खिलाफ ही मोर्चा, अदालत से सोशल मीडिया तक तमाम दलीलें और बहिष्कार तक का ऐलान.; दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आखिरकार अब कथित शराब घोटाले की हाई कोर्ट में हो रही सुनवाई में शामिल होने को राजी हो गए हैं। जस्टिस मनोज जैन की अदालत को बताया गया है कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक की ओर से तीन वकीलों को वकालतनामा दिया गया है। इससे साफ हो गया है कि 'आप' नेताओं ने 'बहिष्कार' वाले अपने रुख में बदलाव कर लिया है। इसकी प्रबल संभावना भी थी, क्योंकि केजरीवाल ने जो शर्त रखी थी वह जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने पूरी कर दी थी, भले ही उनके खिलाफ ऐक्शन लेने के बाद। अदालत ने सोमवार को कहा, 'यदि उन्होंने वकालतनामा दाखिल किया है, तो अगली सुनवाई में हम देख सकते हैं कि कौन सी तारीख दी जा सकती है और एक कार्यक्...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.