नई दिल्ली, जनवरी 7 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए लोकसभा अध्यक्ष द्वारा जिस तरह से जांच समिति गठित की उसमें 'कुछ कमी' लगती है। शीर्ष अदालत ने मौखिक रूप से यह टिप्पणी करते हुए कहा कि वह इस बात पर विचार करेगी 'क्या यह कमी इतनी गंभीर है कि कार्यवाही खत्म की जा सके।' जस्टिस दीपांकर दत्ता और सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने महाभियोग का सामना कर रहे इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस वर्मा की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई की। याचिका में घर में लगी आग बुझाने के दौरान बड़े पैमाने पर नकदी मिलने के आरोपों की जांच के लिए लोकसभा अध्यक्ष द्वारा न्यायाधीशों (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत गठित संसदीय समिति की वैधता को चुनौती दी है। मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि वह जस्टिस वर्मा की इस दलील स...
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