नई दिल्ली, अप्रैल 13 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि जस्टिस सुधांशु धूलिया की अध्यक्षता वाली चुनाव पर्यवेक्षण समिति यह निर्धारित करेगी कि 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व के अनिवार्य लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य बार काउंसिल चुनावों में महिला उम्मीदवारों को किस प्रकार समायोजित किया जाना है। न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की सदस्यता वाली पीठ ने सोमवार को आरक्षण प्रावधानों के संभावित 'दुरुपयोग: से संबंधित चिंताओं पर विचार करते हुए एक याचिका की सुनवाई की। याचिका में आरोप लगाया गया है कि 'सह-विकल्प' के संबंध में स्पष्टता की कमी का गलत फायदा उठाया जा सकता है। यह दलील दी गई कि सह-विकल्प संबंधी प्रावधान की गलत व्याख्या की जा रही है। यह भी पढ़ें- आरक्षण का तहे दिल से समर्थन, पर तरीका ठीक नहीं; 95 शहरों के 488 सामाजिक कार्यकर्ताओं की खुली चिट्ठी वरिष्...