गंगापार, अप्रैल 2 -- कस्बा भारतगंज के बाजार वाली मस्जिद के पास गुरुवार रात्रि बाद नमाज-ए-ईशा 46वें जश्ने मुजाहिदे मिल्लत कॉन्फ्रेंस का आयोजन अकीदत के माहौल में सम्पन्न हुआ।दूर-दराज से आए उलमा-ए-दीन और शायरों ने अपने कलाम और तकरीरों से महफिल को रूहानी रंग में रंग दिया। जब शायर कासिम भदोही ने तरन्नुम में पढ़ा "ताजदारों को भीख देता है मुजाहिदे मिल्लत, मैं भी तेरा मंगता हूं मुजाहिदे मिल्लत। मुश्किलें दूर हो गई मेरी मुजाहिदे मिल्लत,मेरी हालत से बाखबर हैं आप मुजाहिदे मिल्लत। इन अशआरों ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया और पूरा माहौल अकीदत से सराबोर हो गया।शायर अब्दुल रहमानी ने भी अपने अंदाज में पढ़ा इब्ने हैदर ने किया सजदा, ऐसा सजदा नहीं होगा, जिस पर खूब सराहना हुई। वहीं तुफैल शम्सी (गाजीपुर) और शम्स तबरेज (झारखंड) ने भी अपने कलाम से महफिल को च...