प्रतापगढ़ - कुंडा, मार्च 22 -- कुंडा,संवाददाता। विश्व में जल संकट गहराता जा रहा है। भारत सरकार ने वर्षा जल संचय (कैच द रेन) की शुरुआत की है। जल है तो कल है का अभियान चलाया जाएगा, जल संरक्षण की समाधान है। यह बातें राजा दिनेश सिंह कृषि विज्ञान केन्द्र कालाकांकर में विश्व जल दिवस पर सक्षम फाउंडेशन की ओर से आयोजित जागरुकता संगोष्ठी में डॉ.रणजीत सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि लोगों को पानी के महत्व को समझाने, स्वच्छ जल उपलब्ध कराने को ही हर वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है। जल दिवस मनाने का मुख्य उदेश्य जल संरक्षण के लिए जागरुकता लाना है। डॉ.यतेन्द्र कुमार ने कहा कि जल के बिना मनुष्य, पशु पक्षी और पेड़ पौधे भी जीवित नहीं रह सकते। जल ही जीवन का आधार है। आज पानी बचाने से आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। जल संरक्षण से नदिय...
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