संभल, जून 5 -- जनपद में लगातार गिरते भूजल स्तर और जल संरक्षण की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए उद्यान विभाग ने किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीकों से जोड़ने की पहल तेज कर दी है। यह भी पढ़ें- UPAGREES के सहारे खेती को नई मजबूती, खेत तालाब और ड्रिप सिंचाई का बढ़ रहा दायराआधुनिक सिंचाई तकनीकें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली अपनाने पर 80 से 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।उपयोग के लाभ विशेषज्ञों के अनुसार पारंपरिक सिंचाई की तुलना में ड्रिप और स्प्रिंकलर तकनीक से 80 प्रतिशत तक पानी की बचत की जा सकती है। ड्रिप प्रणाली में पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचता है, जिससे पानी की बर्बादी नहीं होती और फसलों को आवश्यक नमी समय पर मिलती है। वहीं स्प्रिंकलर प्रणाली फव्वारे की तरह पूरे खेत में समान रूप से...