नई दिल्ली, मई 22 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। सरकार ने घर बनाते समय दिल्ली जल बोर्ड की ओर से लिए जाने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर शुल्क में नागरिकों को बड़ी राहत दी है। अब पानी और सीवर के इंफ्रास्ट्रक्चर शुल्क का निर्धारण भवन के कुल क्षेत्रफल की बजाय वास्तविक जल मांग के आधार पर किया जाएगा। इसके साथ ही जल इंफ्रास्ट्रक्चर शुल्क में 50 से 70 फीसदी (श्रेणी के अनुसार) की छूट भी दी जाएगी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में मकान बनाते समय पानी और सीवर कनेक्शन को लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर शुल्क (आईएफसी चार्ज) लिया जाता है। पहले प्रत्येक घर में पांच लोगों की आवश्यकता को पैमाना मानकर यह शुल्क लिया जाता था। आप सरकार ने वर्ष 2019 में इस शुल्क को प्रति स्क्वॉयर मीटर के हिसाब स...