काठमांडू, जून 11 -- भारत के साथ सीमा विवाद पर ऊलजलूल बयान देने के बाद अब नेपाल की अक्ल ठिकाने आ गई है। पिछले महीने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने यह कह कर विवाद खड़ा कर दिया था कि भारत के साथ सीमा विवादों को सुलझाने के लिए वे चीन और ब्रिटेन के पास जाएंगे। इसके बाद भारत ने नेपाल को अच्छे से समझा दिया था कि इस मामले में किसी भी तीसरे देश का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब नेपाल ने भी इस पर सहमति जताई है। नेपाल के विदेश मंत्री ने संसद में कहा है कि भारत-नेपाल सीमा विवाद पूरी तरह से एक द्विपक्षीय मामला है और इसमें किसी भी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है। नेपाली संसद को संबोधित करते हुए शिशिर खनाल ने प्रधानमंत्री बालेन शाह के बयान से उपजे विवाद को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने अपने भाषण में कहा, "मैं इस सदन में यह स्पष्ट करना चाह...