नई दिल्ली, फरवरी 26 -- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पिछले साल मार्च में न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के आवास से जली हुई नगदी बरामद होने के मामले में उन्हें पद से हटाने के कारणों की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति का पुनर्गठन किया है। समिति को 26 फरवरी से तीन महीने का कार्यकाल विस्तार भी दिया गया है। बिरला ने पिछले साल 12 अगस्त को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश को हटाने के लिए एक बहुदलीय नोटिस स्वीकार करने के बाद महाभियोग की प्रक्रिया को तेज करते हुए समिति का गठन किया था। लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह द्वारा बुधवार को जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने के लिए जिन कारणों पर विचार की प्रार्थना की गई है, उनकी जांच के लिए तीन सदस्यों वाली समिति का आंशिक संशोधन के साथ पुनर्गठन किया है। इस समित...