सोनभद्र, मार्च 30 -- सोनभद्र/म्योरपुर, हिन्दुस्तान टीम। जंग की तपिश के कारण घरेलू और कामर्शिलय सिलेंडर की हुई किल्लत का असर अब दक्षिणांचल के जंगलों पर पड़ने लगा है। सिलेंडर न मिलने के कारण जलावनी के नाम पर जंगलों में कटान तेज हो गई है। जंगल से लकड़ी काटकर लोग जहां अपने घरों में चूल्हे जला रहे हैं, वहीं होटल, ढाबा संचालकों को भी बेंच रहे हैं। दक्षिणांचल के म्योरपुर, बभनी, दुद्धी, कोन, बीजपुर आदि इलाकों के साथ ही सोनांचल के चतरा और नगवां इलाके में रसोई गैस और कामर्शियल सिलेंडर की किल्लत का असर पर जंगलों पर पड़ने लगा है। इलाके के लोग आसपास के जंगलों से जलावनी के नाम पर जंगल में कटान शुरु कर दिए हैं। जंगलों से लकड़ी काटकर लोग अपने घरों में चूल्हा तो जला ही रहे हैं, साथ ही होटल, ढाबों पर भी बेंच रहे हैं। चर्चा है कि जलावनी के नाम पर सूखी लकड़ियों क...
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