जलाभिषेक से राहु, चन्द्रमा सहित अन्य ग्रहों से जुड़े दोषों की शांति
हापुड़, अगस्त 2 -- श्रावण मास का प्रथम सोमवार 3 अगस्त को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस दिन पंचमी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र एवं सुकर्मा योग का विशेष संयोग रहेगा। शिवभक्त व्रत रखकर भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विधि-विधान से पूजन करेंगे। वहीं कांवड़ यात्रा के दौरान शिवालयों में कांवड़िए भी पवित्र गंगाजल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा के अध्यक्ष पंडित केसी पाण्डेय ने बताया कि श्रावण के प्रथम सोमवार को शुभ मुहूर्त में भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजन करने से राहु, चन्द्रमा सहित अन्य ग्रहों से जुड़े दोषों की शांति होती है। साथ ही भाग्य, आयु, वैभव, गृह शांति और संपत्ति की प्राप्ति का योग बनता है। यह भी पढ़ें- श्रावण मास का प्रत्येक दिन शिव आराधना के लिए शुभ : पंडित प्रमोद उन्होंने बताया कि...
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