सीतामढ़ी, जुलाई 24 -- सीतामढ़ी। सीतामढ़ी जिले में लगातार गिरते भू-जलस्तर ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट की आशंका को गहरा दिया है। जिले के पुपरी, बाजपट्टी और रुन्नीसैदपुर प्रखंडों के बाद अब चोरौत प्रखंड में भी बड़ी संख्या में चापाकल सूखने लगे हैं। इससे ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों के लिए पानी जुटाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई गांवों में लोगों को दूर-दराज के चापाकलों या निजी बोरिंग पर निर्भर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा और लगातार भू-जल दोहन के कारण जलस्तर तेजी से नीचे खिसक रहा है। इसका असर सबसे अधिक पुराने एवं कम गहराई वाले चापाकलों पर देखने को मिल रहा है। कई चापाकलों से पानी निकलना पूरी तरह बंद हो गया है, जबकि कुछ में पानी का प्रवाह काफी कम हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि ...