दिल्ली, फरवरी 27 -- दिल्ली में हुई एक अहम बैठक में जर्मनी ने पेश किया 2 करोड़ यूरो का नया प्लान, जो भारत के हिमालय से लेकर द्वीपीय इलाकों तक, हर उस जगह को जलवायु संकट से बचाने की तैयारी पर खर्च होगा, जहां इसका जोखिम सबसे ज्यादा है.इस साल जर्मनी और भारत के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दिल्ली में "फ्रॉम रिस्क टू रेसिलियंस: एडवांसिंग अडॉप्टेशन पॉलिसी पाथवेज" नाम से एक खास बातचीत आयोजित की गई.इस कार्यक्रम की शुरुआत भारत और भूटान में जर्मनी के राजदूत डॉ फिलिप आकरमन ने की.उन्होंने कहा, "यह हमारे 75वें राजनयिक संबंधों का वर्ष है.आने वाले महीनों में होने वाले सभी कार्यक्रम इसी साझेदारी के तहत होंगे.भारत और जर्मनी के बीच यह सहयोग अनोखा है.हम सतत विकास, जलवायु परिवर्तन, स्मार्ट सिटी, प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों...
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