शैलेंद्र सेमवाल, दिसम्बर 14 -- उत्तराखंड के तीन प्रमुख भू-वैज्ञानिकों ने हिमालय क्षेत्र में आपदाओं को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। जियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया में प्रकाशित इन भू-वैज्ञानिकों के संयुक्त शोध के अनुसार, हिंदूकुश क्षेत्र में आपदाओं की जिम्मेदार केवल जलवायु परिवर्तन और मौसम का बदलता पैटर्न नहीं है। इसके लिए मानवीय हस्तक्षेप, जैसे अनियोजित निर्माण और बस्तियां प्रमुख वजह हैं। भू-वैज्ञानिकों ने चेताया कि यदि उत्तराखंड में फ्लड प्लेन जोनिंग ऐक्ट सख्ती से लागू नहीं किया गया तो धराली और केदारनाथ की आपदाओं जैसी घटनाएं बढ़ेंगी। यह शोध दून विश्वविद्यालय के डॉ.नित्यानंद हिमालयन रिसर्च एंड स्टडी सेंटर के जियोलॉजी विभाग के डॉ. यशपाल सुंदरियाल, भरसार विश्वविद्यालय के डॉ. एसपी सती और भू-वैज्ञानिक डॉ. नवीन जुयाल ने किया है। शोध के अनुसार, बढ़ती...
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