लखनऊ, फरवरी 9 -- लखनऊ, कार्यालय संवादाता नेशनल पीजी कॉलेज में भूगोल विभाग की ओर से 'ग्लोबल एनवायरमेंटल इश्यूज सॉल्यूशंस थ्रू एडवांस्ड ज्योग्राफिकल टेक्नोलॉजी एण्ड एंप्लॉयमेंट अपारच्यूनिटी' विषयक कार्यशाला में जलवायु परिवर्तन से मौसम के प्रभाव पर चर्चा की गई। कार्यशाला में इंटरनेशनल अर्थ डे नेटवर्क वाशिंगटन डीसी ने सहयोग दिया। मुख्य अतिथि रीजनल डायरेक्टर अर्थ डे नेटवर्क इंडिया डॉ. करुणा शंकर ने जलवायु परिवर्तन सस्टेनेबेल फैशन, ग्रीन इकोनॉमी पर प्रकाश डाला। साथ ही विद्यार्थियों को यंग क्लाइमेट चैम्पियनशिप प्रोग्राम की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में कॉलेज प्राचार्य देवेन्द्र कुामर ने बताया कि मानव द्वारा जनहित कार्यों को गलत ढंग से करने के कारण जलवायु परिवर्तन हो रहा है, जिसमें उदाहरण के तौर पर ग्रीष्मकालीन बारिश का समय अक्तूबर से नवम्बर तक बढ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.