प्रयागराज, मार्च 29 -- हनुमानगंज, हिन्दुस्तान संवाद। जलवायु परिवर्तन से भारत भी अछूता नहीं है। किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। गेहूं के दाने सिकुड़ रहे हैं, फसलों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जलस्तर निरंतर नीचे खिसक रहा है। यदि समय रहते किसानों को आंधी तूफान, बारिश, ओले आदि की जानकारी मिलती रहे तो नुकसान से काफी हद तक बचा जा सकता है। यह बातें बहादुरपुर ब्लॉक के रमईपुर गांव में आयोजित कृषि संगोष्ठी में शुआट्स के प्रोफेसर डॉ विश्वरूप मेहरा ने कही।उन्होंने बताया कि मोबाइल एप के जरिए किसानों को तीन-चार दिन पूर्व मौसम अनुमान की जानकारी सप्ताह में दो बार दी जा रही है। किसान एप के माध्यम से जानकारी हासिल कर मौसम के मार से बच सकते हैं। बीज एवं प्रक्षेत्र निदेशालय के संयुक्त निदेशक प्रोफेसर डॉ विक्रम सिंह ने कहा बदलते जलवायु परिवर्तन के ...
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