समस्तीपुर, फरवरी 11 -- पूसा। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विवि, पूसा के कुलपति डॉ. पीएस पाण्डेय ने कहा जीनोमिक्स, ट्रांसक्रिप्टोमिक्स, प्रोटोमिक्स और मेटाबोलोमिक्स के एकीकरण ने कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में क्रांति ला दी है। इन तकनीकों का उपयोग करके, हम प्रमुख तनाव- प्रतिक्रियाशील जीन, प्रोटीन और चयापचय मार्गों की पहचान कर जलवायु-प्रतिरोधी फसल किस्मों का विकास कर सकते हैं। यह विंटर स्कूल कार्यक्रम क्षमता निर्माण और जलवायु-स्मार्ट कृषि को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। वे बुधवार को विवि के पंचतंत्र सभागार में बिहार, उत्तर प्रदेश, मेघालय, मिजोरम समेत कुल सात राज्यों से आये वैज्ञानिकों व शोधकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। मौका था पीजी कॉलेज के तत्वाधान में जलवायु-प्रतिरोधी कृषि के लिए एकीकृत बहु-ओमिक्स दृष्टिकोण पर 21-दिवसीय विंट...
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