जलवायु आपदा पर दक्षिण के राज्यों में मंथन शुरू
नई दिल्ली, जुलाई 20 -- एस श्रीनिवासन,वरिष्ठ पत्रकार इस वर्ष देश में खेती-किसानी गंभीर संकट से गुजर रही है। इसकी मूल वजह 'अल नीनो' की वापसी है। मौसम विभाग ने इसके कारण 15 जुलाई तक देश के 60 प्रतिशत जिलों में कम बारिश होने का अनुमान लगाया है। पूरे भारत में असमान और अनियमित वर्षा के कारण स्थिति के और खराब होने की आशंका है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने देश भर में 112 ऐसे जिलों की पहचान की है, जो सूखे से सर्वाधिक प्रभावित हैं। कर्नाटक और तेलंगाना में कम वर्षा गंभीर चिंता का विषय बन गई है। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल के किसान और कृषि विशेषज्ञ भी अधिकारियों पर आपातकालीन उपायों में तेजी लाने के लिए दबाव बना रहे हैं। दक्षिण के किसान विशेष रूप से इसलिए चिंतित हैं, क्योंकि इनकी कृषि भूमि का एक बड़ा हिस्सा सिंचाई के लिए बारिश पर निर्भर है। चूंकि इ...
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