गोड्डा, अप्रैल 17 -- महगामा प्रतिनिधि। महागामा प्रखंड के खोरद पंचायत अंतर्गत शाहजादपुर गांव में सरकारी योजना के तहत बनी जलमीनार विभागीय लापरवाही और भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण बनकर खड़ी है। मुख्य सड़क किनारे करीब 4 लाख 25 हजार रुपये की लागत से निर्मित यह जलमीनार आज तक ग्रामीणों के लिए सिर्फ एक ढांचा बनकर रह गई है। हैरानी की बात यह है कि जिस बोरिंग से जलापूर्ति होनी थी, उसमें निर्माण के समय ही एक बूंद पानी नहीं निकला, इसके बावजूद संवेदक द्वारा जलमीनार का निर्माण कर दिया गया।बताया जाता है कि जिला योजना अनाबद्ध निधि से वित्तीय वर्ष 2018-2019 में एनआरआईपी गोड्डा के माध्यम से इस योजना की स्वीकृति दी गई थी और वर्ष 2020 में कागजों पर योजना को पूर्ण भी दिखा दिया गया। यह भी पढ़ें- हिरजीहाटिंग में जल मिशन योजना फेल, 4 साल में एक बूंद पानी नहीं ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.