घाटशिला, सितम्बर 16 -- घाटशिला, संवाददाता। घाटशिला प्रखंड अंतर्गत मौजा गोपालपुर, टोला दाहिगोड़ा में जलमीनार से निकलने वाले अतिरिक्त पानी के कारण पिछले 10 वर्षों से आदिवासियों की खेती योग्य जमीन पूरी तरह दलदल होकर बर्बाद हो चुकी है। इस संबंध में रैयतदार सीता हेंब्रम एवं मानसिंह हेंब्रम की ओर से भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के जिलाध्यक्ष मदन मोहन सोरेन को आवेदन दिया गया है। जिसमें उन्होंने बताया है कि उनके पूर्वजों की रैयती जमीन पर जलमीनार से निरंतर पानी बहने के कारण खेती योग्य नहीं रह गई है। धान का बिचड़ा तक नहीं लगाया जा पा रहा रैयतों ने आरोप लगाते हुए कहा कि पानी के कारण हल और ट्रैक्टर चलाना असंभव हो चुका है। धान का बिचड़ा तक नहीं लगाया जा पा रहा है, जिसके कारण फसल नष्ट हो रही है और परिवारों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। भार...
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