भदोही, नवम्बर 1 -- ज्ञानपुर, संवाददाता। मौसम की मार से किसान मायूस हो गए हैं। जलमग्न खेतों में काटकर रखे गए धान गलने लगा है। इतना ही नहीं खेतों में ज्यादा नमी होने के कारण अनाज में अंकुर निकलने लगा है। बिन मौसम बारिश और हवा से 11 फीसदी धान की फसल खेत में ही गिर पड़ी है। अनाज की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ ही उत्पादन भी घट जाएगी। आंख के सामने फसल को नष्ट होता देख किसान रोने लग जा रहे हैं। इस वर्ष पुआल भी मवेशियों के खाने योग्य नहीं बचा है। किसानों की हर उम्मीदों पर मौसम की मार ने पानी फेर दी है। खेत में धान की लेटी और गलकर काला पड़े फसल को देख किसानों का चेहरा मायूस हो जा रहा है। किसानों की माने तो कर्ज लेकर धान की फसल में खाद छिड़काव कराने के साथ ही सिंचाई की गई थी। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में मौसम ने ऐसा सितम ढाया कि हर उम्मीद टूट गई है। ...
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