जलभराव से नष्ट हो जाती है 50 एकड़ भूमि में लगी फसल
भभुआ, जून 9 -- बेलांव, पानापुर, नौहट्टा, अकोढ़ी, करौंदा, पछेहरा के खेत में गल जाते हैं पौधे बोले किसान, लाखों की हर साल होती है आर्थिक क्षति, पानी रोकने का प्रबंध हो (पेज चार की फ्लायर खबर) रामपुर, एक संवाददाता। प्रखंड के कुछ ऐसे गांव के बधार है, जहां के करीब 50 एकड़ खेत में जलभराव होने से धान की फसल डूबकर नष्ट हो जाती है। इससे किसानों को लाखों रुपयों की हर साल आर्थिक क्षति होती है। यह भी पढ़ें- जलभराव से नष्ट हो जाती है 50 एकड़ भूमि में लगी फसलसमस्या का कारण यह समस्या तब होती है, जब मूसलाधार बारिश होती है। वर्षा होने पर पहाड़ और ओवरफ्लो कर दुर्गावती जलाशय की बायीं तट नहर का पानी खेत में जमा हो जाता है, जिससे लहलहाते धान के पौधे खेत में ही गल जाते हैं। अब खरीफ सीजन शुरू होते ही किसान यह विचार करने लगे हैं कि इस वर्ष रोपनी करें या नहीं। बताया ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.