सीतामढ़ी, नवम्बर 18 -- सुरसंड। सुरसंड और परिहार के विस्तृत सरेह क्षेत्र में इस बार खेतों में धान नहीं, पानी लगा है। सीमा सड़क पर पुलों की कमी और जलनिकासी की चूक ने किसानों की सालभर की मेहनत पर ऐसा प्रहार किया है कि पके-अधपके धान कटाई से पहले ही पानी में सड़ने लगे हैं। लगातार जलजमाव से खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं। मजदूर पानी भरे खेतों में उतरने से इंकार कर रहे हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि सीमा विकास परियोजना के तहत बनी सड़क पर उचित स्थानों पर पुल निर्माण नहीं होने के कारण यह समस्या वर्ष दर वर्ष बढ़ती जा रही है। सुरसंड-परिहार प्रखंड के लगभग दस किलोमीटर लंबे इस हिस्से में दो-तीन दिन की बारिश होते ही खेतों में पानी भर जाता है और फसल बचाने की कोई गुंजाइश नहीं रहती। परिहार प्रखंड के बेला मच्छपकौनी से लेकर भिठ्ठामोड़ तक यह समस्या कई वर्...
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