मथुरा, जून 24 -- मथुरा, जीएलए विश्वविद्यालय ने एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय शोध जगत में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए जर्मनी के ड्रेसडेन शहर में आयोजित 17वें इंटरनेशनल कोलोक्वियम ऑन पैराट्यूबरकुलोसिस (आईसीपी-2026) में उल्लेखनीय सफलता हासिल की। पशुओं में होने वाले गंभीर संक्रामक जोन्स रोग पर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और शोधार्थियों द्वारा किए जा रहे शोध कार्यों को वैश्विक मंच पर सराहना मिली, वहीं विश्वविद्यालय के बायोटेक विभाग की शोधार्थी समीक्षा अग्रवाल एवं अलुम्ना विधि मिश्रा को प्रतिष्ठित हेल्पिंग हैंड अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मेलन पैराट्यूबरकुलोसिस एवं उससे जुड़े रोगों पर कार्य करने वाले विश्वभर के वैज्ञानिकों, पशु चिकित्सकों, शोधकर्ताओं एवं जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंच माना जाता है। सम्मेलन में जीएल...