मधुबनी, अक्टूबर 4 -- मधुबनी। सात समंदर पार जर्मनी की धरती पर भी मैथिलानियों ने जिउतिया पर्व की परंपरा को उसी आस्था और भाव के साथ जीवंत किया, जैसा मिथिलांचल में सदियों से निभाया जाता रहा है। खास बात यह रही कि पूजा में जरूरी पारंपरिक सामग्री आसानी से उपलब्ध नहीं होने के बावजूद फ्रैंकफर्ट की पल्लवी झा और ब्रेमन की मीनू मिश्रा ने अपने स्तर से सामग्री जुटाकर विधि-विधान पूजा की। फ्रैंकफर्ट में पल्लवी झा ने जिउतिया पूजा के लिए झिमनी के पत्ते की जरूरत को देखते हुए अपने घर के बागान में ही उसे उगाया। इसी तरह सरसों की खली नहीं मिलने पर उन्होंने सरसों के दानों को खुद पीसकर उसका चूर्ण तैयार किया और झिमनी के पत्ते पर अर्पित किया। इस तरह बाजार में पारंपरिक सामग्री नहीं मिलने की बाधा को उन्होंने अपने प्रयास से दूर किया। यह भी पढ़ें- Bhagalpur News: सहरसा...