बाराबंकी, नवम्बर 24 -- बाराबंकी। गांवों में बारात ठहराने में लोगों को ही रही दिक्कतों को देखते हुए बारात घरों का निर्माण कराया गया था। इसका लाभ लोगों को ज्यादा दिन नहीं पाया। देखरेख के अभाव में बारात घर के भवन जर्जर होने लगे। वर्तमान समय में अधिकांश भवनों में ग्रामीणों का अवैध कब्जा है। कई बारात घरों में जाने के लिए रास्ता तक नहीं है। लोगों की मांग के बावजूद भी इन बारात घरों का मरम्मत कराने में प्रधान से लेकर अधिकारी तक रुचि नहीं ले रहे हैं। सिरौलीगौसपुर संवाद के अनुसार: विकास खण्ड दरियाबाद की ग्राम पंचायत श्रीकोटवाधाम का बारात घर दुर्दशा का शिकार है। आगे बह रहा नाला टूटी फूटी फर्श एवं टीनशेड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो रहा है। सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च कर बनवाया गया बारात घर देखरेख के आभाव में दुर्दशा का शिकार हो रहा है। बाउंड्री गिर गयी...
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