बांदा, जुलाई 1 -- बांदा। बच्चों की चहल-पहल के साथ स्कूलों की रौनक भी बढ़ गई है, पर विद्यालय में कहीं बिजली, पानी तो कहीं शौचालय व चहारदीवारी आदि की कमी ihnen मायूस कर रही है। जनपद में कई परिषदीय विद्यालय ऐसे हैं, जहां नौनिहालों पर खतरे का जाल है। करीब एक सैकड़ा भवन बेहद जर्जर हालत में हैं। वहीं 80 से ज्यादा विद्यालयों में भवनों के ऊपर से एचटी या एलटी लाइन होकर गुजरी है। तेज आंधी और बारिश के समय अक्सर बिजली के झूलते तार टूटकर गिरते हैं और पोल में करंट उतरता है। नगरीय क्षेत्र के कुछ विद्यालयों को छोड़ कहीं आकस्मिक आग से निपटने के कोई इंतजाम नहीं है। जबकि शासन से इसके लिए बजट भी आता है। आपके अपने हिन्दुस्तान अखबार ने शुक्रवार को जिले के कई परिषदीय विद्यालयों की पड़ताल की तो ये खामियां सामने आईं। अभिभावक भी बच्चों के सिर मडराते खतरे को लेकर च...