लातेहार, फरवरी 9 -- लातेहार संवाददाता। जिले के सरकारी विद्यालयों में छात्राओं के लिए शौचालय की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अधिकांश स्कूलों में शौचालय का निर्माण तो कराया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई जगह वे फंक्शनल नहीं हैं। कहीं पानी की व्यवस्था नहीं है, तो कहीं साफ-सफाई के अभाव में शौचालय उपयोग के लायक नहीं बचे हैं। कई विद्यालयों में दरवाजे टूटे हैं, भवन जर्जर है और दुर्गंध के कारण छात्राएं अंदर जाने से कतराती हैं। अलग शौचालय नहीं होने से छात्राओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। मजबूरी में कुछ छात्राएं घर लौट जाती हैं, जबकि दूर से आने वाली छात्राएं दिनभर परेशानी झेलती हैं। इसका असर उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य और उपस्थिति पर भी पड़ रहा है। अभियान के पहले दिन की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि निर्माण से ज्यादा बड़ी समस्या शौचाल...
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