सहरसा, मई 7 -- कहरा, एक संवाददाता। एक ओर राज्य सरकार पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए अनुदानित दर पर ऋण उपलब्ध करा रही है, वहीं कहरा प्रखंड का बनगांव पशु अस्पताल आज भी निजी जमीन और स्थायी भवन के अभाव में जर्जर स्थिति में संचालित हो रहा है। पहले यह अस्पताल भाड़े के भवन में चलता था और पिछले एक दशक से अधिक समय से बनगांव गौशाला परिसर के एक पुराने जर्जर भवन में किसी तरह संचालित किया जा रहा है। बारिश के मौसम में अस्पताल की छत से पानी टपकता है। स्थिति ऐसी हो जाती है कि दवाओं को प्लास्टिक से ढंककर सुरक्षित रखना पड़ता है। इसके बावजूद चिकित्सकीय सेवाएं बाधित नहीं हों, इसके लिए कर्मी किसी तरह काम कर रहे हैं। कृषि आधारित इस क्षेत्र में पशुपालन किसानों की आर्थिक मजबूती का प्रमुख आधार रहा है। यहां के अधिकांश किसान खेती के साथ गाय, भैंस, बकरी सहित अन्य पशु...