कुशीनगर, जून 16 -- कुशीनगर। विशुनपुरा क्षेत्र में संचालित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों की स्थिति दिन प्रतिदिन बद्तर होती जा रही है। कई जगह भवन और उनके छत इतने जर्जर हो चुके हैं कि उनमें बैठने पर भी डर लगता है। चिकित्सालय में तैनात डॉक्टर और फार्मासिस्ट बताते हैं कि 50-60 साल पुराने भवन हैं, जो जर्जर हालत में हैं। दीवारों से प्रायः विषैले सांप निकलते हैं। डर के मारे भवन से बाहर बैठकर मरीजों का इलाज करना पड़ता है। विशुनपुरा क्षेत्र में संचालित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय सिसवा गोइती तथा पड़री पिपरपाती के भवन इतने जर्जर हो गए हैं कि विभाग में तैनात कर्मचारी या डॉक्टर उसमें बैठने से भी डरते हैं। भवन की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं तथा कभी कभी छत से प्लास्टर और ईंटें भी नीचे गिरती हैं। इतना ही नहीं दीवारों से विषैले सांप प्राय: निकलते रहते...
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