इटावा औरैया, अप्रैल 7 -- इटावा। जिले की कानून-व्यवस्था संभालने वाली पुलिस खुद असुरक्षित भवनों में काम करने को मजबूर है। थानों और पुलिस चौकियों की जर्जर हालत न केवल पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि फरियादियों की जान भी जोखिम में रहती है। कहीं दीवारों का प्लास्टर झड़ रहा है, तो कहीं छत टपक रही है। बांदा जिले के तिंदवारी थाने में जनसुनवाई के दौरान जर्जर छज्जा गिरने की घटना के बाद आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने जिले के थाने और चौकियों की भवनों की पड़ताल की। पेश है एक रिपोर्ट... इटावा में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। यहां 21 थाने और 28 पुलिस चौकियां हैं। इनमें अधिकांश की स्थिति बेहद जर्जर है। सालों पुराने भवनों में मरम्मत का अभाव है। पुलिसकर्मियों को मजबूरी में ऐसे भवनों में बैठना पड़ता है। जहां हर समय हादसे का खतरा रहता है। जर्जर ...