उन्नाव, अप्रैल 5 -- उन्नाव। शहर में जर्जर और गिरासू इमारतों के मुद्दे पर जिला प्रशासन और नगर पालिका की चुप्पी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती है। शनिवार और रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने न केवल मौसम का मिजाज बदला, बल्कि जर्जर मकानों के नीचे रहने और वहां से गुजरने वालों के दिलों में दहशत भी भर दी है। हैरानी की बात यह है कि चार दिवसीय विशेष अभियान के बावजूद प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंगी, जबकि शहर के मुख्य बाजारों और रिहाइशी इलाकों में मौत बनकर खड़ी ये इमारतें कभी भी जमींदोज हो सकती हैं। दो साल से सिर्फ कागजी कार्रवाईशहर की हृदय स्थली कहे जाने वाले इलाकों में कई इमारतें दशकों पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं। नगर पालिका ने नवंबर 2022 में अभियान चलाकर ऐसी 144 इमारतों को चिह्नित किया था और उन पर नोटिस भी चस्पा किए थे। लेकिन दो साल बीत जाने...
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