नई दिल्ली, अगस्त 12 -- सुप्रीम कोर्ट बुधवार को उस जनहित याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिसमें विरोध-प्रदर्शनों और रैलियों के दौरान जरूरी सेवाओं में रुकावट और लोगों को होने वाली परेशानियों से छुटकारा दिलाने के लिए दिशा-निर्देश बनाने की मांग की गई है। शीर्ष अदालत में दाखिल याचिका में कहा गया कि विरोध-प्रदर्शनों के दौरान जरूरी सेवाओं में रुकावट आती है और लोगों के आने-जाने में भी परेशानी होती है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि यह पता लगाने का कोई तरीका नहीं है कि कौन प्रदर्शनकारी है और कौन नहीं और विरोध-प्रदर्शनों के दौरान जरूरी सेवाओं में रुकावट का मुद्दा पूरे देश में उठ रहा है। यह भी पढ़ें- जंतर-मंतर प्रदर्शन के खिलाफ SC में एक और याचिका, CJI ने...