जरूरी उपस्थिति नियम रद्द करने की अर्जी पर फैसला सुरक्षित
नई दिल्ली, अक्टूबर 6 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उन याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिनमें दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई थी जिसमें कहा गया था कि कोई भी लॉ कॉलेज या यूनिवर्सिटी कम उपस्थिति की वजह से छात्रों को परीक्षा में बैठने से नहीं रोक सकती। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ पिछले साल 3 नवंबर को हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि फैसला सुरक्षित रखा गया है। पार्टियां दो हफ्ते में लिखित दस्तावेज जमा कर सकती हैं। यह भी पढ़ें- स्कूलों में रोजाना संविधान के प्रस्तावना की मांग खारिज सुप्रीम कोर्ट ने 26 मई को हाईकोर्ट के फैसले के एक पैराग्राफ पर रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि भारत में क...
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