किशनगंज, जुलाई 17 -- किशनगंज। महिलाओं का प्रजनन स्वास्थ्य केवल चिकित्सा का विषय नहीं, बल्कि गरिमा, अधिकार और जीवन की सुरक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दा है। इसके बावजूद भारत के अनेक हिस्सों में आज भी अनचाहे गर्भ, गर्भ समापन और उससे जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सामाजिक झिझक, गोपनीयता का भय और पूर्वाग्रह बने हुए हैं। परिणामस्वरूप कई महिलाएं समय पर स्वास्थ्य संस्थानों तक नहीं पहुंच पातीं और असुरक्षित तरीकों का सहारा लेने को मजबूर हो जाती हैं। सिविल सर्जन डॉ राज कुमार ने बताया की यदि महिलाओं को पूरी गोपनीयता, सम्मान और बिना किसी भेदभाव के सुरक्षित गर्भपात तथा गर्भ समापन के बाद आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई जाए तो न केवल मातृ स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि असुरक्षित गर्भपात से होने वाली गंभीर जटिलताओं और रोकी जा स...