जरा याद करो कुर्बानी: नगर कोतवाली में 13 अगस्त 1929 को बापू ने फहराया था तिरंगा
बांदा, अगस्त 12 -- बांदा। आजादी के आंदोलन में महात्मा गांधी का बांदा से गहरा नाता रहा है। ब्रिटिश हुकूमत से मुक्ति दिलाने के लिए बापू 1929 में बांदा आए थे। 13 अगस्त को उन्होंने कुंवर हरि प्रसाद सिंह की कोठी के छज्जे से क्रांतिकारियों को संबोधित किया। इसके बाद चौधरी चंद्रभूषण सिंह की घोड़ा बग्गी में नगर भ्रमण कर आजादी को लेकर क्रांतिकारियों में जोश भरा था। नगर कोतवाली में खुद उन्होंने राष्ट्रीय तिरंगा फहराया। वह अपने साथ एक सफेद रंग की बकरी भी लाए थे। उनके साथ कस्तूरबा गांधी सहित कई आजादी के नायक शामिल थे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 1929 में बांदा आए और उनके साथ माता कस्तूरब, जेबी कृपलानी, महादेव देसाई भी थे। यह भी पढ़ें- जंग-ए-आजादी में कूदे, शिक्षा की अलख जगा बन गए बुंदेलखंड के मालवीयक्रांतिकारियों का भव्य स्वागत फतेहपुर के रास्ते बांदा आ...
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