नई दिल्ली, जून 20 -- जयपुर की सड़कों पर आज सुबह का सूरज एक नई उम्मीद की रोशनी लेकर निकला था। अमर जवान ज्योति के पास खड़ी कतारबद्ध नीली और सफेद रंग की चमचमाती बसें सिर्फ लोहे का ढांचा नहीं, बल्कि जयपुरवासियों के बदलते कल का सपना हैं। आज मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जब इन इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई, तो केवल वाहनों का संचालन शुरू नहीं हुआ, बल्कि प्रदूषण से घुटते शहर ने पहली बार खुलकर सांस लेने की शुरुआत की है।आम आदमी की सुखद यात्रा का सपना हुआ सच अक्सर भीड़भाड़ वाली बसों में धक्के खाते, धुएं से परेशान और पसीने में तरबतर होकर दफ्तर जाने वाले जयपुर के आम आदमी के लिए यह खबर किसी दिवाली के तोहफे से कम नहीं है। अब कल्पना कीजिए, आप बस स्टैंड पर खड़े हैं और आपको इंतजार करने की जरूरत नहीं है कि कब पुरानी खटारा बस आएगी। अब शहर की सड़कों पर बिना शोर म...